ये ज़रूरी तो नहीं – Hindi Poetry

3.8
(11)
September 19, 2021
जीवन का मतलब आजकल व्यक्ति के सफल या निष्फल होने से या उसके पाने या खोने से निकालना ये चलन बन गया है| जीवन नपे-तुले मापदंडो में समाविष्ट या व्याख्यायित किया ही नहीं जा सकता ये कैसे समजाए कोई इन्हें? 'ये ऐसे ही होता है', 'वो वैसे ही होना चाहिए' ऐसी सीमाओं में बंधे वो जीवन कहाँ? उन्मुक्त बहते झरने सा बेबाक, अनिश्चित, प्रबल प्रवाह ही जीवन है| इसीलिए तो, जो हम सोचें वही घटे ये ज़रूरी तो नहीं|

Written by - Swati Joshi

ज़िंदगी जंग है ये जानते है हम,

लड़ते भी रहेंगे जब तक है दम;

पर, हर जंग का जीत ही हो अंजाम,

ये ज़रूरी तो नहीं|

मुसाफिर है हम, हर वख्त सफ़र करते है,

राहें है जो बनी हमारे लिए, उसी से गुज़रते है;

पर, उन राहों का हो मंज़िल ही आख़री मुकाम,

ये ज़रूरी तो नहीं|

अच्छा-बुरा, सच-झूठ, हाँ और नहीं भी,

चुनना ज़रूरी है कभी ग़लत, कभी सही भी;

पर, हर बार चुनाव होगा ये आसान,

ये ज़रूरी तो नहीं|

हौसलों के परिंदे बंदिशें कहाँ मानते है?

पंख छोटे ही सही, ये उड़ना जानते है;

छोटे सपनों की उड़ानों का छोटा ही हो आसमान,

ये ज़रूरी तो नहीं|

दुविधा, नाकामी, ग़लतियाँ सबके अपने-अपने है,

हर किसीके जीवनमें यह पौधे बनके पनपने है;

हिस्से आए हर कांटें का दे तक़दीर को ही इलज़ाम,

ये ज़रूरी तो नहीं|

हार या जीत सिर्फ फितरत या किस्मत तो नहीं,

कहतें है जो होना है, लिखा है कहीं;

पर, मान के ये हम छोड़ ही दें कोशिशें तमाम,

ये ज़रूरी तो नहीं|

‘जीना तो बस साहस है’, लोग जो यह सच जानते है,

अपनी मर्यादा व शक्तियाँ वे ख़ुद ही पहचानते है;

करे जग इन ‘जियालों’ की सही कद्र और सम्मान,

ये ज़रूरी तो नहीं|

हिम्मती जन को हारने का कहीं कोई अधिकार नहीं?

टूटनेवाले मन के कभी क्या जुड़ने पाते तार नहीं?

वख्त से लड़ते इंसानों के मर जाएँ अरमान,

ये ज़रूरी तो नहीं|

कुछ पाने की चाहत में वो अनजानी दौड़ में शामिल है,

इंसाँ अगर जो ठान ही ले, क्या कुछ पाने के काबिल है;

पर, आसमाँ से आगे जाने का हो हर किसीका अरमान,

ये ज़रूरी तो नहीं|

छोटे सुख-दुःख के पल भी जिनके लिए मायने रखते है,

जो मीठे, तीखे, फ़िके, तुरे जीवन के स्वाद को चखते है;

वे रोज़ सवेरे उठते ही कोई करेंगे काम महान,

ये ज़रूरी तो नहीं|

*जियाला = बहादुर

Love what you read? Click on stars to rate it!

As you found this post useful...

Share this post with more readers.

Best Sellers in Kindle Store

ACI_KindleStore._SS300_SCLZZZZZZZ_

Older Stories

Let’s Start Talking!

Swati Joshi is an Indian writer who loves to write in English and Indian Languages like Gujarati. Read her Gujarati Poetry and Motivational articles at Swati's Journal.
Swati Joshi

www.swatisjournal.com

7 Comments

  1. આસમા

    આસમાસે આગે જાને કા હર કિસી કા અરમાન તો નહીં!!!
    –ખૂબ સુંદર.👌👌👌

  2. Excellent hindi poem…Congrats.

Submit a Comment