ग़ज़ल – Hindi Poetry निदा फ़ाज़ली का ये शेर ही हमारी ग़ज़लको मुकम्मिल करता है की, “दिल में... Swati Joshi May 10, 2019 · 1 min read
तू लगती है – Hindi Poetry ये लगाए न लगनेवाली और बुझाए न बुझनेवाली चाहकी तपिश शायद ऐसी ही होती... Swati Joshi May 8, 2019 · 1 min read